राजस्थान में खेजड़ी काटना पड़ेगा भारी! सरकार ला रही सख्त कानून, मंत्री जोगाराम पटेल ने किया बड़ा ऐलान

जयपुर: राजस्थान में राज्य वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अवैध कटाई को रोकने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार जल्द ही खेजड़ी संरक्षण के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी में है। इसी दिशा में सोमवार को जयपुर स्थित राजकीय आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने की।

यह बैठक मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों की अनुपालना में आयोजित की गई, जिसमें खेजड़ी वृक्ष संरक्षण अधिनियम के प्रारूप को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, वन एवं पर्यावरण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा, उद्योग राज्यमंत्री के.के. बिश्नोई, विधायक पब्बाराम बिश्नोई, जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई तथा पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई सहित कई अधिकारी और पर्यावरण से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए।

खेजड़ी को बचाने के लिए सख्त कदम

बैठक के दौरान पर्यावरण प्रेमियों, साधु-संतों और आमजन की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई रोकने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने के लिए सख्त कानून बनाने पर मंथन किया गया।

सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने राज्य वृक्ष खेजड़ी के महत्व पर अपने विचार साझा किए और कहा कि इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।

मरुस्थलीय पारिस्थितिकी का आधार है खेजड़ी

मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं बल्कि राजस्थान की संस्कृति, पर्यावरण और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मरुस्थलीय क्षेत्रों में यह वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने बताया कि राजस्थान की पारिस्थितिकी में खेजड़ी का विशेष महत्व है क्योंकि यह रेगिस्तानी क्षेत्रों में मिट्टी को बचाने, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए खेजड़ी संरक्षण के लिए मजबूत और प्रभावी कानून लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

समिति करेगी अध्ययन और तैयार करेगी कानून का प्रारूप

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि खेजड़ी संरक्षण अधिनियम के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है। यह समिति देश के विभिन्न राज्यों में लागू वृक्ष संरक्षण से जुड़े कानूनों का अध्ययन करेगी और राजस्थान के लिए उपयुक्त अधिनियम का प्रारूप तैयार करेगी।

समिति अधिनियम का मसौदा तैयार करते समय पर्यावरण विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित हितधारकों से भी परामर्श करेगी। साथ ही वृक्ष संरक्षण से जुड़े न्यायिक निर्णयों और वर्तमान कानूनी प्रावधानों का भी अध्ययन किया जाएगा।

मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार ऐसा प्रभावी कानून लाना चाहती है जिससे खेजड़ी वृक्षों की अवैध कटाई पर पूरी तरह रोक लग सके और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिले।

जनभावनाओं का रखा जाएगा विशेष ध्यान

उन्होंने कहा कि खेजड़ी वृक्ष राजस्थान की पहचान है और यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है। इसलिए सरकार ऐसा कानून बनाएगी जो जनभावनाओं और पर्यावरणीय जरूरतों दोनों के अनुरूप हो।

सरकार का उद्देश्य केवल वृक्षों की सुरक्षा करना ही नहीं बल्कि प्रदेश की पर्यावरणीय विरासत को सुरक्षित रखना भी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसका लाभ उठा सकें।

11 मार्च को फिर होगी बैठक

बैठक में यह भी तय किया गया कि समिति आगामी 11 मार्च 2026 को फिर से बैठक करेगी, जिसमें अब तक किए गए अध्ययन और सुझावों के आधार पर अधिनियम के प्रारूप को अंतिम रूप देने पर चर्चा की जाएगी।

सरकार का मानना है कि यदि यह कानून लागू होता है तो इससे न केवल खेजड़ी वृक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम साबित होगा।


निष्कर्ष

राजस्थान सरकार द्वारा खेजड़ी वृक्षों के संरक्षण के लिए सख्त कानून लाने की पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह अधिनियम लागू होता है तो अवैध कटाई पर प्रभावी रोक लगेगी और राज्य की पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखने में बड़ी मदद मिलेगी।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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