BREAKING: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। NEET पेपर लीक केस में उनके इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी पिछले 36 दिन से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है।

इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।

प्रधान ने इस्तीफे को लेकर चिट्ठी पोस्ट की। दो पेज और 575 शब्दों में लिखी इस चिट्ठी में प्रधान ने बाकी बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने की बात भी लिखी। चिट्ठी का यह हिस्सा नीचे हाइलाइट किया गया है।

कल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के 47 अफसर बर्खास्त हुए थे

शुक्रवार रात NEET पेपर लीक मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त किए गए थे। बर्खास्त अधिकारियों के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज करने की बात भी कही गई।

अधिकारियों के मुताबिक NTA में सुधार के लिए जल्द ही और एक्शन लिए जाएंगे। एक दिन पहले सरकार ने गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के दो सचिवों को बदला था।

अधिकारियों के अनुसार, आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा और संस्था में तकनीकी सुधार लागू किए जाएंगे ताकि परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके। इसके अलावा ऐसा टेस्टिंग सिस्टम तैयार किया जा सके, जिसमें पेपर लीक की गुंजाइश न हो।

NTA 4 वरिष्ठ जनरल मैनेजर और UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल्स नियुक्त करेगा।

 

क्या है नीट पेपर लीक मामला, अब तक 13 अरेस्ट

3 मई 2026 को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक हुआ। सरकार और NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी और दोबारा परीक्षा कराई। इस दौरान देश भर में कई छात्रों ने सुसाइड किया।

पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन कर रही है। सोनम वांगचुक ने 26 दिन तक अनशन किया और संसद में सांसद हंगामा कर रहे हैं।

फिलहाल मामले की जांच CBI कर रही है। इसमें महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली समेत कई राज्यों में पड़ताल हुई। अबतक 13 आरोपी पकड़े गए हैं। CBI जल्द ही इस चार्जशीट फाइल कर सकती है।

 

 

मौजूदा पेपर लीक रोकने का कानून, 4 पॉइंट

1. जून 2024 तक पेपर लीक के लिए कोई एक सेंट्रल कानून नहीं था। धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और जालसाजी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज होता था। इनमें जमानत की कोई सख्त शर्तें नहीं हैं।

2. कुछ राज्यों ने अलग से नकल-विरोधी भी कानून बनाए, मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट भी शामिल किया। उत्तर प्रदेश में कुछ मामलों में गैंगस्टर एक्ट भी लगाया गया।

3. NEET-UG और UGC के एग्जाम में धांधली के बाद 21 जून 2024 को केंद्र सरकार ने सार्वजानिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम लागू किया। इसमें पेपर लीक, मदद करना, गलत तरीके से OMR शीट हासिल करना, नकल करवाना, एग्जाम से जुड़ी फर्जी वेबसाइट बनाने या परीक्षक को धमकी को सजा के दायरे लाया गया।

4. ये सभी अपराध गैर-जमानती हैं, इनमें दो कैटेगरी में सजा का प्रावधान है। पहला- पेपर लीक वगैरह करने पर 3 से 5 साल की सजा और 10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। दूसरा- एग्जाम करवाने वाली संस्था या एजेंसी के डायरेक्टर या मैनेजमेंट के ऑफिसर्स ने कोई अपराध किया, तो 3 से 10 साल तक की जेल और एक करोड़ का जुर्माना हो सकता है।

BREAKING: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा:दीपके बोले- वे कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते; लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
बीज घोटाले की जांच CBI से कराने की मांग, मंत्री किरोड़ी लाल मीणा CM भजनलाल शर्मा को लिखेंगे पत्र | Gen-Z IPS अभिजीत पाटील का कमाल: AI और NATGRID की मदद से गैंगस्टरों पर कसा शिकंजा | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की भरतपुर को बड़ी सौगात, 1,186 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण | जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति, 196.39 करोड़ रुपये के वार्षिक प्रस्तावों को मिली मंजूरी | इकोलॉजिकल ज़ोन में 'अयोध्या नगर'! 42 बीघा कृषि भूमि पर धड़ल्ले से प्लॉटिंग, जेडीए आखिर खामोश क्यों? | मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | मीना पालड़ी में चार भूखंड जोड़कर दुकानों का निर्माण! अवैध निर्माण पर JDA की चुप्पी सवालों के घेरे में | सूर्या के कत्ल की असली वजह आई सामने, बाइक बनी जानलेवा विवाद का कारण। | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | राजस्थान में 33 जिलों में 77 सड़क परियोजनाओं को मिली मंजूरी, बजट 2026-27 में कुल 676.74 करोड़ खर्च | |