कार्यक्रम में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर प्रदेश के निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि अब स्वच्छता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि गांव-गांव में उसका वास्तविक प्रभाव दिखाई देना चाहिए। इसी उद्देश्य से विकसित किए गए एसबीएम (ग्रामीण) मोबाइल ऐप के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर तक रियल-टाइम मॉनिटरिंग, पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। ऐप में फील्ड मॉनिटरिंग, उपस्थिति, फ्लीट ट्रैकिंग, सरकारी योजनाओं की निगरानी, वॉलंटियर प्रबंधन और लाइव डैशबोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मंत्री मदन दिलावर ने अधिकारियों से प्लास्टिक मुक्त राजस्थान बनाने का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए बर्तन बैंक, गोबरधन योजना, मृत पशुओं के वैज्ञानिक निस्तारण, ‘एक गांव-एक चरागाह’ अभियान, ग्रामीण स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने मोबाइल ऐप को स्वच्छता अभियान के लिए एक अभिनव पहल बताते हुए सभी जिलों से इसका अधिकतम उपयोग करने और प्रत्येक ग्राम पंचायत में बर्तन बैंक जैसी जनहितकारी योजनाओं को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
वहीं, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज डॉ. जोगाराम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्थान ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उन्हें बनाए रखते हुए प्रदेश को ओडीएफ प्लस मॉडल राज्य बनाने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन नियमों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
कार्यशाला के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और प्रतापगढ़ ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जबकि भीलवाड़ा, जयपुर, सवाई माधोपुर, बारां और राजसमंद को प्लास्टिक कचरा मुक्त अभियान और वेस्ट-टू-आर्ट जैसी पहलों के लिए सम्मानित किया गया। विजेता जिलों को ₹1.01 लाख, ₹51 हजार और ₹21 हजार के नकद पुरस्कार, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
कार्यशाला के साथ आयोजित स्वच्छता नवाचार प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें आरआरआर सेंटर, बर्तन बैंक, सफाईमित्रों के लिए पीपीई किट, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक तकनीकें और ओडीएफ प्लस अभियान से जुड़े नवाचार प्रदर्शित किए गए। इन पहलों के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य स्वच्छता अभियान को नई तकनीक और जनभागीदारी के साथ और अधिक मजबूत बनाना है।
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