जयपुर, 3 अक्टूबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने शनिवार को शासन सचिवालय में ‘104 जननी एक्सप्रेस’ सेवा के संचालन और प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं, खासकर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं, को जरूरत के समय अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और जननी एक्सप्रेस के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने प्रत्येक एम्बुलेंस के उपयोग का नियमित आकलन करने और मैदानी स्तर से रिपोर्ट लेकर सेवा में सुधार की जरूरतों की पहचान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली की भी विस्तृत समीक्षा करने को कहा। सहायता के लिए आने वाली कॉल से लेकर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया का विश्लेषण करने और कॉल रिकॉर्ड व मासिक रिपोर्ट को प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य निदेशक की समीक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
प्रदेश में 600 जननी एक्सप्रेस एम्बुलेंस उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि जनवरी 2021 से 10 दिसंबर 2025 तक 18 लाख 86 हजार 48 लाभार्थियों को इस सेवा का लाभ मिला है। जुलाई 2026 से प्रदेश की सभी 600 एम्बुलेंस पूर्ण रूप से संचालित हैं।
बैठक में जननी एक्सप्रेस सेवा के आगामी संचालन के लिए खुली निविदा अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के माध्यम से संचालन के विकल्पों पर भी चर्चा की गई।
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