प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि जन शिकायतों के समाधान में गति और गुणवत्ता दोनों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने प्रत्येक लंबित प्रकरण की समीक्षा कर निस्तारण का समय कम करने तथा प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान कुल 17 शिकायतकर्ताओं से ई-जनसुनवाई की गई। इनमें से 8 परिवादियों को विभाग की ओर से आंशिक राहत प्रदान की गई और उनके मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए।
ई-जनसुनवाई के दौरान बाड़मेर के प्रताप सिंह की पेयजल आपूर्ति नहीं होने, भीलवाड़ा के राजेंद्र के दोषपूर्ण जल बिल, सवाई माधोपुर के रुपेश के यहां प्रदूषित पानी, दौसा के विजय सिंह की हेडपंप मरम्मत तथा सीकर के कमलेश कुमावत को अलग-अलग खाता संख्या से दो बिल प्राप्त होने जैसी शिकायतें सामने आईं। प्रमुख शासन सचिव ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संपर्क पोर्टल पर लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जाए और शिकायतकर्ताओं को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों का घर बैठे प्रभावी और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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